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Fatiha Ka Tarika फातिया- ईसाले सवाब का पूरा सुन्नति तरीका In Hindi


Fatiha Ka Tarika फातिया- ईसाले सवाब का पूरा सुन्नति तरीका In Hindi  

Fatiha Ka Tarika फातिया- ईसाले सवाब का पूरा सुन्नति तरीका In Hindi
Fatiha Ka Tarika


Fatiha Ka Tarika फातिया-ईसाले सवाब ( या'नी सवाब पहुंचाने ) के लिये दिल में निय्यत कर लेना काफ़ी है , म - सलन आप ने किसी को एक रुपिया खैरात दिया या एक बार दुरूद शरीफ़ पढ़ा या किसी को एक सुन्नत बताई या किसी पर इन्फिरादी कोशिश करते हुए नेकी की दावत दी या सुन्नतों भरा बयान किया । अल गरज़ कोई भी नेक काम किया आप दिल ही दिल में इस तरह निय्यत कर लीजिये fatiha ka tarika dawateislami pdf

म - सलन : " अभी मैं ने जो सुन्नत बताई इस का सवाब सरकारे मदीना - को पहुंचे । "  सवाब पहुंच जाएगा । मजीद जिन जिन की निय्यत करेंगे उन को भी पहुंचेगा । दिल में निय्यत होने के साथ साथ ज़बान से कह लेना भी अच्छा है कि येह सहाबी से साबित है जैसा कि हदीसे सा'द में गुज़रा कि उन्हों ने कूआं खुदवा कर फ़रमाया या'नी “ येह उम्मे सा'द के लिये है । " fatiha ka tarika dawateislami pdf


 Fatiha Ka Tarika फातिया-ईसाले सवाब का मुरव्वजा तरीका 

आज कल मुसल्मानों में खुसूसन खाने पर जो फ़ातिहा का तरीका राइज है वोह भी बहुत अच्छा है । जिन खानों का ईसाले सवाब करना है वोह सारे या सब में से थोड़ा थोड़ा खाना नीज़ एक गिलास में पानी भर कर सब कुछ सामने रख लीजिये ।


सबसे पहले फातिया Fatiha Ka Tarika में दरूद शरीफ कसरत से पढ़ ले या काम से काम 3 बार या ज्यादा से ज्यादा 11 बार पढ़ले। 

उसके बाद निचे दिए गए कुछ आयते है वो पढ़ लीजिये या आप को जो भी क़ुरानी आयते याद हैं मसलन आप को अरबी पढ़ना नहीं आता उसके बावजूद भी आप को एक ही सूरा और अल्हम्दो शरीफ जिसे सूरे फातिया कहते हैं याद हैं तो आप वो पढ़ लीजिये। 

जरुरी नहीं की फातिया के तरीके Fatiha Ka Tarika में कुुछ सूरे आयात की लिस्ट है जिसे पढ़ना जरुरी जिसे पढ़ने से आप का फातिया क़ुबूल नहीं होंगे हैं  आप को जो भी आयात सूरा याद हैं आप वो पड़ लीजिये 


fatiha ka tarika
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अब फ़ातिहा पढ़ाने वाला हाथ उठा कर बुलन्द आवाज़ से ' अल फ़ातिहा " कहे । सब लोग आहिस्ता से या'नी इतनी आवाज़ से कि सिर्फ खुद सुनें सू - रतुल फ़ातिहा पढ़ें । अब फ़ातिहा पढ़ाने वाला इस तरह ए'लान करे : “ इस्लामी भाइयो और बहनो आप ने जो कुछ पढ़ा है उस का सवाब मुझे दे दीजिये । " तमाम हाज़िरीन कह दें : ' आप को दिया । " 

अब फ़ातिहा पढ़ाने वाला  Fatiha Ka Tarika  ईसाले सवाब कर दे । 

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आ'ला हज़रत का  Fatiha Ka Tarika फातिअ का तरीका 

ईसाले सवाब के अल्फ़ाज़ लिखने से क़ब्ल इमामे अहले सुन्नत आ'ला हज़रत मौलाना शाह अहमद रज़ा खान फ़ातिहा से क़ब्ल जो सूरतें वगैरा पढ़ते थे वोह भी तहरीर की जाती हैं : 

एक बार :fatiha ka tarika pdf download

fatiha ka tarika
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ईसाले सवाब के लिये दुआ का तरीका  Fatiha Ka Tarika 

या अल्लाह ! जो कुछ पढ़ा गया ( अगर खाना वगैरा है तो इस तरह से भी कहिये ) और जो कुछ खाना वगैरा पेश किया गया है उस का सवाब हमारे नाक़िस अमल के लाइक नहीं बल्कि अपने करम के शायाने शान मर्हमत फ़रमा । और इसे हमारी जानिब से अपने प्यारे महबूब , दानाए गुयूब   की बारगाह नज्र पहुंचा । 

सरकारे मदीना  के तवस्सुत से तमाम अम्बियाए किराम : तमाम सहाबए किराम तमाम औलियाए इज़ाम  की जनाब में नज्र पहुंचा । 

सरकारे मदीना - के तवस्सुत से सय्यिदुना आदम सफ़िय्युल्लाह  से ले कर अब तक जितने इन्सान व जिन्नात मुसल्मान हुए या क़ियामत तक होंगे सब को पहुंचा । 

इस दौरान बेहतर येह है कि जिन जिन बुजुर्गों को खुसूसन ईसाले सवाब करना है उन का नाम भी लेते जाइये । अपने मां बाप और दीगर रिश्तेदारों और अपने पीरो मुर्शिद को भी नाम ब नाम ईसाले सवाब कीजिये ।  Fatiha Ka Tarika

( फ़ौत शु - दगान में से जिन जिन का नाम लेते हैं उन को खुशी हासिल होती है अगर किसी का भी नाम न लें सिर्फ इतना ही कह लें कि या अल्लाह ! इस का सवाब आज तक जितने भी अहले ईमान हुए उन सब को पहुंचा तब भी हर एक को पहुंच जाएगा ।) 

अब हस्बे मा'मूल दुआ ख़त्म कर दीजिये । ( अगर थोड़ा थोड़ा खाना और पानी निकाला था तो वोह दूसरे खानों और पानी में डाल दीजिये )


Fatiha Ka Tarika फातिया ईसाले सवाब में खाने की दावत की अहम एहतियात 

जब भी आप के यहां नियाज़ या किसी किस्म की तकरीब हो , जमाअत का वक़्त होते ही कोई मानेए शर - ई न हो तो इन्फिरादी कोशिश के जरीए तमाम मेहमानों समेत नमाजे बा जमाअत के लिये मस्जिद का रुख कीजिये । बल्कि ऐसे अवकात में दा'वत ही मत रखिये कि बीच में नमाज़ आए और सुस्ती के बाइस जमाअत फ़ौत हो जाए । 

दो पहर के खाने के लिये बा'द नमाजे जोहर और शाम के खाने के लिये बा'द नमाजे इशा मेहमानों को बुलाने में गालिबन बा जमाअत नमाज़ों के लिये आसानी है । मेज़बान , बावर्ची , खाना तक्सीम करने वाले वगैरा सभी को चाहिये कि जूं ही नमाज़ का वक्त हो , सारा काम छोड़ कर बा जमाअत नमाज़ का एहतिमाम करें । बुजुर्गों की “ नियाज़ की दा'वत " की मसरूफ़िय्यत में अल्लाह की " नमाजे बा जमाअत " में कोताही बहुत बड़ी मा'सियत है । 

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मज़ार पर हाज़िरी का तरीका  Qabar Par Fatiha Ka Tarika 

Qabar Par Fatiha Ka Tarika में  बुजुर्गों की ज़ाहिरी ज़िन्दगी में भी क़दमों की तरफ़ से या'नी चेहरे के सामने से हाज़िर होना चाहिये , पीछे से आने की सूरत में उन्हें मुड़ कर देखने की ज़हमत होती है । लिहाज़ा बुजुर्गाने दीन के मज़ारात पर भी पाइंती ( या'नी क़दमों ) की तरफ़ से हाज़िर हो कर फिर किब्ले को पीठ और साहिबे मज़ार के चेहरे की तरफ रुख कर के कम अज़ कम चार हाथ ( या'नी तकरीबन दो गज़ ) दूर खड़ा हो और इस तरह सलाम अर्ज करे Qabar Par Fatiha Ka Tarika देने के लिए  

fatiha ka tarika
Fatiha Ka Tarika

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एक बार सू - रतुल फ़ातिहा और 11 बार सू - रतुल इख्लास ( अव्वल आख़िर एक या तीन बार दुरूद शरीफ़ ) पढ़ कर हाथ उठा कर ऊपर दिये हुए तरीके के मुताबिक़ ( साहिबे मज़ार का नाम ले कर भी ) ईसाले सवाब करे और दुआ मांगे । “ अहसनुल विआअ " में है : वली के मज़ार के पास दुआ कबूल होती है । Qabar Par Fatiha Ka Tarika

( माखूज़ अज़ अहसनुल विआअ , स . 140 )




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